श्रीनाथजी मंदिर के एक ट्रस्टी परिमल नथवाणी की पत्नी दवारा दादागिरी दिनांक १७-१८ मार्च २०१५

Shrinathji

श्रीनाथजी मंदिर के एक ट्रस्टी परिमल नथवाणी की पत्नी दवारा दादागिरी।
दिनांक १७-१८ मार्च २०१५

ट्रस्टी लोग अपनी पोस्ट का गेरलाभ लेते है। जैसे की बोर्ड मेंबर है तो वो कुछ भी कर सकते है।
उनका व्यवहार पूरा मंदिर खरीद लिया हो – श्रीजी सिर्फ उनके ही है। कीर्तन गली से
प्रथम दर्शन करनेके लिये परिमल की पत्नी और उनके साथ २० और सहेलियाँ आई थी,
( किटी पार्टी के नाम से अन्यलोग मजाक भी उनका उड़ाते थे।) दो दींन तक प्रथम दर्शन करना,
अन्य लोगो को दंडवत नहीं करने देना, लगातार २० मिनिट तक जगा को रोक रखना। यह ही कार्यक्रम
करते रहे। नाथद्वारा मंदिर की और से दिलीप नामक व्यवस्तार्थी केवल इस बोर्ड मेंबर की पत्नी और
सहेलिया २० की ही ध्यान रखता था। दिलीप अन्य लोगोसे कीर्तन गली से जानेके
लिये १०००० (दस हजार) लेता है , यह ध्यान रहे. रोजके ३० से ५० हजार की कमाई…

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